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हम कृष्ण के दीवाने राधा के उपासक पागल है और हमें ऐसे ही रहने दो , क्योकि हम ऐसे ही अचछे है. हमारी छोटी सी गुस्ताखी है कि किशोरी के बारे मे जो संतो से सुना है उसे लिखने का प्रयास किया है. संत ऐसा कहते है कि किशोरी जी का पार तो स्वयं कृष्ण भी नहीं पा सके. फिर तो साधारण जन मानुष के लिए तो कल्पना से परे की बात है.
हमने यंहा छोटा सा प्रयास किया है कि जो भी संत थोडा बहुत भी कृष्ण और राधा के बारे मे जानते है या बोलते उन्हें इस साईट के माध्यम से आम जनता तक अपनी बात पहुचाने का अवसर मिले. जिससे जिज्ञासु भक्तो को थोड़ी शांति मिले और अध्यात्मिक जीवन की अमूल्य ज्ञान कृष्ण राधा प्रेम से अपने को प्रकाशित करे.
राधा चरणों के दास
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